USB क्या है ये कैसे काम करता है और इसके प्रकार ?

हेलो दोस्तो Zaiditech में आप सभी का स्वागत है क्या आप जानते है कि Usb क्या है इसके प्रकार ये कैसे काम करता है ,USB Full Form,Usb devices, आदि .

टेक्नोलॉजी के इस युग में प्रत्येक दिन आपको Market में एक नयी टेक्नोलॉजी दिखाई देगी! और हम सबके बीच लोकप्रिय कनेक्शन हैं USB! जिसका नाम तो आपने अक्सर कई बार सुना होगा!

या फिर संभव है आपने कंप्यूटर में इसका इस्तेमाल जरुर किया होगा! लेकिन usb कितने प्रकार के होते हैं? उनका क्या काम होता है? और एक usb आपके लिए क्या क्या कार्य कर सकती है! इस बारे में सभी को पता नहीं होता!

और यदि आप usb के विषय में यह सभी जानकारियां पाना चाहते हैं, तो आपको यह पोस्ट अंत तक जरुर पढनी चाहिए! क्योंकि आज आप न सिर्फ अपने कंप्यूटर पर बल्कि अपने smartphone के charging Port से भी usb devices जैसे कीबोर्ड, माउस, Pendrive को भी connect कर एक्सेस कर सकते हैं!

यह सब सम्भव हुआ है USB तकनीक की वजह से! तो आइये जानते हैं असल में यह USB क्या है इसके प्रकार ये कैसे काम करता है, USB Full Form, आदि .

Usb क्या है इसके प्रकार ये कैसे काम करता है ,USB Full Form

USB क्या है ? USB Full Form in Hindi

USB एक इंडस्ट्री मानक है, जिससे कम दूरी में data का digitally कम्युनिकेशन होता है! usb में केबल कनेक्शन के साथ plug&play interface होता है, जिसका आप कंप्यूटर समेत अनेक इलेक्ट्रॉनिक devices के साथ उपयोग कर सकते हैं!

किसी device में मौजूद usb ports यूजर को usb devices से connect करने की अनुमति देते हैं, तथा usb केबल के जरिये data को digitally ट्रान्सफर करने में मदद करते हैं!

USB Full Form – Universal Serial Bus

USB Full Form in Hindi – यूनिवर्सल सीरियल बस

इसके साथ ही usb केबल इलेक्ट्रिक पॉवर भी supply करते हैं इसलिए हम अपने आपने कंप्यूटर के usb पोर्ट से मोबाइल को इसी प्रक्रिया के जरिये चार्ज कर पाते हैं!

वर्तमान समय में अनेक इलेक्ट्रॉनिक devices usb को सपोर्ट करते हैं इसलिए आप कैमरा,प्रिंटर कीबोर्ड, Mic इत्यादि को usb पोर्ट वाले device से connect कर सकते हैं .

USB का इतिहास (History)

90 के दशक से USB टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल शुरू होने लगा! और आज यह टेक्नोलॉजी लगभग सभी डिजिटल Devices में सामान्य हो चुकी है। वर्ष 1994 में पहली बार USB टेक्नोलॉजी का विकास शुरू हुआ, अजय भट्ट को USB के आविष्कारक कहा जाता है।

अजय भट्ट भारतीय-अमेरिकी कंप्यूटर आर्किटेक्ट हैंम जिनका जन्म भारत में हुआ है परंतु अमेरिका में रहकर ही उन्होंने USB तकनीक का आविष्कार किया! और अब तक वे सामान्यतः PC में उपयोग होने वाली PCI, AGP जैसी कई टेक्नोलॉजी का आविष्कार कर चुके हैं।

USB कैसे काम करता है ?

दोस्तों आज आप जितने भी स्मार्टफोन या कंप्यूटर का उपयोग करते हैं उन सभी में USB Port पाया जाता है। साथ ही कंप्यूटर में लगभग सभी ऑपरेटिंग सिस्टम आज USB Drivers को सपोर्ट करते हैं,

इसलिए जब भी आप अपने कंप्यूटर के USB( Universal Serial Bus) port से किसी USB Device को connect करते है! तो कुछ सेकेंड के अंदर ही installation कंप्लीट हो जाती है और आप External Usb Device का डाटा एक्सेस कर पाते हैं।

दोस्तों असल में USB टेक्नोलॉजी को इसलिए ही बनाया गया था ताकि तेजी से आप अन्य Devices को अपने सिस्टम से कनेक्ट कर सके! हम usb से एक कंप्यूटर में 127 Device एक single STANDARD के साथ कनेक्ट कर सकते हैं,

और खास बात है कि आपको इन USB डिवाइस को कंप्यूटर से कनेक्ट करने के बाद restart करने की भी जरूरत नहीं पड़ती।

इसलिए आज आप देखेंगे लगभग सभी डिजिटल डिवाइस में आपको USB सपोर्ट देखने को मिलता है।

Usb Otg क्या है ?

OTG अर्थात On The Go जिसका मतलब है कहीं भी कभी भी! आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आजकल लगभग सभी Smartphones और टेबलेट में आपको USB OTG Function मिल जाता है,

और आप OTG Cable की मदद से किसी Usb डिवाइस के डाटा को बिना कंप्यूटर के Read कर सकते हैं, तथा उस डाटा को Access भी कर सकते हैं।

मान लीजिए आपका मोबाइल OTG Supported है, तो आप OTG केबल के जरिए अपने मोबाइल में USB pendrive को कनेक्ट कर pendrive का डाटा Access कर पाएंगे!

इसके अलावा आप Usb mouse, keyboard इत्यादि कई उपकरणों को अटैच कर उनका इस्तेमाल अपने मोबाइल पर कर सकते हैं।

यदि आप जानना चाहते हैं कि आपका Smartphone OTG सपोर्ट करता है कि नहीं! तो इंटरनेट पर ऐसे बहुत से apps मौजूद है जिनसे आप ये check कर सकते है .

Usb Cable क्या है ?

दोस्तों Usb केबल सामान्यतः सभी यूजर्स के पास होती क्योंकि USB केबल सबसे पॉपुलर cables में से एक है, जिसका इस्तेमाल अधिकतर कंप्यूटर Devices से अन्य उपकरणों को कनेक्ट करने के लिए किया जाता है।

जैसे कि कैमरा,Printer, Scanner इत्यादि! USB केबल का उद्देश्य है प्रभावी रूप से सरलता पूर्वक डाटा को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में ट्रांसफर करना!

और आजकल तो लगभग सभी स्मार्टफोन में charging के तौर पर USB केबल आती है।

इसलिए बाजार में कई प्रकार के USB केबल विभिन्न Prices में मिल जाते हैं, आप अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी के बल को अपने डिवाइस में use कर सकते हैं। आइए जानते हैं

USB Cables के प्रकार ?

क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप अपने मोबाइल में चार्जिंग के लिए USB केबल खरीद कर लाए! और उस USB केबल आपके फोन को सही से चार्ज नहीं किया?

यदि हां! तो ऐसा इसलिए क्योंकि सभी USB केबल को एक समान बनाया नहीं हुआ होता! इसलिए इनके types भी अलग-अलग होते हैं।

USB A

type A कनेक्टर्स का इस्तेमाल शायद आपने जरूर किया होगा इन USB केबल्स का उपयोग आमतौर पर डाटा ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।

इसलिए जब आप अपने कंप्यूटर के जरिए किसी External USB keyboard, Mouse इत्यादि को अटैच करते हैं! तो उस समय यही कनेक्टर कार्य करता है।

Usb B

इस टाइप के केबल का चौकोर होता है, आपने शायद इस प्रकार के Cables को तब इस्तेमाल किया होगा जब आप अपने कंप्यूटर में External हार्ड ड्राइव अटैच करते है, परंतु यह usb A की तरह नहीं होते।

USB C

इस प्रकार के cables को आप नए type के यूएसबी केबल कह सकते हैं! क्योंकि यह अन्य कनेक्टर्स की तुलना में अधिक पावरफुल होता है तथा डाटा को तेजी से ट्रांसफर करने में सक्षम होता है। वर्तमान समय में नए लैपटॉप, कंप्यूटर, स्मार्टफोन में इसी तरह के कनेक्टर्स का उपयोग हो रहा है।

Mini Usb

यह कनेक्टर्स मोबाइल Devices के लिए एक Standard है, पर जैसा कि नाम से ही पता चलता है यह Normal Usb की तुलना में छोटे होते हैं! इसलिए इसका इस्तेमाल भी छोटे डिवाइस के लिए होता है,

वर्तमान समय में इस टाइप के Connectors प्रचलन में नहीं है। हालांकि आप किसी किसी डिवाइस में अभी भी Mini USB Compatibility को देख सकते हैं।

Micro USB

माइक्रो USB को मोबाइल तथा अन्य गैजेट्स के लिए Standard कनेक्टर माना गया है! माइक्रो यूएसबी बिना कंप्यूटर के information को Read करने में मदद करती है।

मतलब आप इस टाइप के USB केबल की मदद से अपने मोबाइल डिवाइस से किसी दूसरे डिवाइस को आसानी से कनेक्ट कर सकते हैं!

USB 3

यूएसबी के मुख्य प्रकारों में USB 3 Cable हैं , जिन्हें backward compatible कहां जाता है। इसका मतलब है कि यह पुराने USB port तथा bulk USB केबल के साथ कार्य करते हैं।

इसलिए इस टाइप के कनेक्टर से हाई स्पीड पाने के लिए सभी डिवाइस मैं USB 3 support होना चाहिए।

USB device Class क्या है ?

प्रत्येक यूएसबी डिवाइस की क्लास से आप पता कर सकते हैं कि इस डिवाइस का उद्देश्य तथा इसमें कौन सी फंक्शनैलिटी मौजूद है। कुछ मुख्य device class के नाम निम्नलिखित हैं।

Wireless
Printer
Image
Audio
Mass Storage
Human Interface Device (HID)

USB Devices क्या है ?

Usb क्या है इसके प्रकार ये कैसे काम करता है ,USB Full FormTablet
Smartphone
Scanner
Jump drive aka Thumb drive
Joystick
Printer
Mouse
Microphone
Keypad
Keyboard
iPod or other MP3 player
External drive
Digital Camera

दोस्तों यह थे कुछ मुख्य USB devices USB तकनीक का उपयोग कर आप इनकी functionality का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आपको बस इन USB डिवाइस में अपने कंप्यूटर के USB पोर्ट से कनेक्ट करना होगा।

All Usb Versions

अब तक बाजार में USB के कहीं Versions को लांच किया जा चुका है इस समय USB 4 सबसे लेटेस्ट वर्जन है।

Usb 1.1 – दोस्तों इसे USB का सबसे पहला वर्जन कहा जाता था। जिसका नाम Full Speed USB भी कहा जाता था। इसकी ट्रांसमिशन स्पीड अधिकतम 12 Mbps स्पीड की होती थी

USB 2.0 – वर्तमान समय में आज भी लगभग सभी गैजेट्स में USB 2.0 का सपोर्ट होता है, इसलिए बाजार में USB 2.0 केबल का चलन है। इसे High speed USB के नाम से भी जाना जाता था जिसकी ट्रांसमिशन स्पीड 480 Mbps है।

USB 3.0 – इसे super speed USB भी कहा जाता था जिसकी max ट्रांसमिशन स्पीड 5gbps तक होती है।

USB 3.1 – इसे सुपर speed USB भी कहा जाता है, तथा USB 3.1 सपोर्ट करने वाले डिवाइस 10GBPS की speed में डाटा को ट्रांसमिट करने में सक्षम होते हैं।

USB 4 – इसकी ट्रांसमिटिंग स्पीड अविश्वसनीय है 40gbps की स्पीड के साथ यह डाटा को ट्रांसफर करने में मदद करता है। क्योंकि यह latest USB वर्जन है, इसलिए काफी कम डिवाइस अभी इसे सपोर्ट करते हैं।

USB के फायदे ?

•यूएसबी का इस्तेमाल करना सरल होता है, कोई भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकता है।
•यह Low power consume करता है, इसलिए इसके इस्तेमाल से Device की बैटरी को अधिक नुकसान नहीं होगा।
usb port वाले लगभग सभी डिवाइस में Usb फिट बैठती है।
•Usb में कई प्रकार के Connectors, Sizes avaiable है।
• इसका उपयोग करने में लागत कम आती है .

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USB के नुकसान ?

USB में लिमिटेड क्षमता तथा performance होती है, अतः इसका इस्तेमाल कुछ सीमित कार्यों के लिए किया जा सकता है।

इसके अलावा अन्य सिस्टम की तुलना में USB से डाटा ट्रांसफर करने में काफी समय लगता है।

तो यह थे यूएसबी के मुख्य फायदे और नुकसान!

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है आपका समझ आ गया होगा कि USB क्या है ये कैसे काम करता है इसके प्रकार , USB Full Form और USB का इतिहास .

लेकिन अगर आपको अभी भी Usb full form या usb से सम्बंधित कोई भी जानकारी समझ नही आयी है तो आप comment box में comment करके पूछ सकते है .

Author: Kamran Zaidi

हेलो दोस्तो मेरा नाम कामरान ज़ैदी है ! मैं Zaiditech blog का कंटेंट राइटर और Admin हुँ. इस blog पर मैं आपके लिए Education,ऑनलाइन पैसा कमाने और ब्लॉगिंग से related नये-नये आर्टिकल्स लाता रहता हूं. आप मेरे ब्लॉग के बारे मे अपना कीमती विचार कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे ।

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